दरअसल जिसका सबसे ज्यादा डर था, वही हो गया।

ईरान ने अब कतर की सबसे बड़ी गैस फैसिलिटी पर सीधा अटैक कर दिया है।
दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी उत्पादक कतर एनर्जी की रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर ईरानी ड्रोन और मिसाइलों ने हमला किया।
इससे कतर एनर्जी ने तुरंत अपना पूरा LNG उत्पादन रोक दिया। बुधवार को इस फैसिलिटी में आग की लपटें देखी गईं।
ईरान ने कतर को और भी अटैक की धमकी दी है।
अगर ऐसा होता है तो भारत में भी गैस पर असर पड़ सकता है।
कतर के गैस हब पर मिसाइल हमला हुआ है। कतर के अहम एलएनजी यानी लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) प्लांट में आग लग गई। रास लफान कॉम्प्लेक्स कतर की सबसे अहम गैस सुविधाओं में से एक है। रास लफान कॉम्प्लेक्स पर हुए मिसाइल हमले ने पूरे मध्य पूर्व और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हलचल मचा दी है।
अब इसका असर सबसे अधिक भारत पर पड़ेगा,कारण कि कतर भारत का सबसे बड़ा गैस सप्लायर है। भारत सबसे अधिक गैस कतर से ही लेता है। इसे यूं समझें कि करीब 47 फीसदी गैस का आयात कतर से होता है। भारत हर साल करीब 27 मिलियन टन एलएनजी आयात करता है। इसमें कतर से 47 फीसदी यानी करीब 12-13 मिलियन टन प्रति साल आता है। भारत में एलपीजी यानी घरेलू रसोई गैस (LPG) का बड़ा हिस्सा LNG से जुड़ा है। कतर से आने वाली सस्ती गैस अगर महंगी हो गई तो सिलेंडर की कीमत भी बढ़ने का खतरा है।
Editor- Amit Jha
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