सायद यह पहली बार हुआ होगा जब बिना किसी समापन भाषण के सदन की कार्रवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया हो ।
मानसून सत्र के पहले दिन से ही लेफ्ट के सांसदों द्वारा सामाजिक और जनहित विषयों पर चर्चा और जवाब की मांग को लेकर लगातार हंगामा के कारण एक दिन भी सदन की कार्रवाई पूर्णरूप से नही चली , हलाकी फिर भी 12 एसे बिल दोनों सदनों से पास किए गए जिसका आम जनता के जीवीका सुधार से कोई सरोकार नही था ।
सदन समाप्ती से पहले पूरे सत्र मे सरकार के कामकाज का व्योरा दिया जाता है कि पूरे सत्र मे क्या काम हुआ क्या पेंडिंग रहा और आगे की क्या दिशा होगी ।
लेकिन इस बार लेफ्ट द्वारा अमित शाह और PM मोदी से जवाब मांगने और उससे बचने के लिए सत्र के अंतिम दिन वंदे मातरम गाने के समाप्त होते ही सभा स्थगित कर दी गई जिर पर देश भर मे सवाल उठ रहे हैं ।
Editor- Amit Jha
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