हर वर्ष देश के 150 वैज्ञानिक ISRO छोड़कर जाने को मजबूर।
चंद्रयान के कई वैज्ञानिक ने आरोप लगाया था कि काम के पूरा होने के बाद भी सेलरी नही दी गई।
उस समय जब एसा आरोप ल तो किसी तरह इस बात को दबा दिया गया ।
अब हर वर्ष वैज्ञानिक ISRO छोड़कर जाते हैं और कोई सवाल या छोड़ने का कारण नही बताता ।
आखिर देश की जनता के टैक्स के पैसे से चलने वाले दुनियां के बरे वैज्ञानिक अनुसंधान मेसे एक ISRO को छोड़ना अपने-आप मे सवाल के घेरे मे है ।
क्या वैज्ञानिक को समय पर सेलरी व अन्य सुविधा उपलब्ध नही कराइ जाती या फिर देश के साथ कुछ छल किया जा रहा है जिस कारण हर वर्ष वैज्ञानिक बदले जाते हैं ?
सरकार को इस सवाल को हलके मे नही लेना चाहिए और जनता को सच बतना चाहिए।
Editor- Amit Jha
0 Comments